पूज्य गुरु खुशवंत साहेब जी की पावन यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
खरोरा मंडल के पदाधिकारीगण, कार्यकर्ता साथियों एवं श्रद्धालुजनों द्वारा किया गया आत्मीय स्वागत, सम्मान और अभिनंदन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बना। संगठन की मजबूती, अनुशासन और सेवा भाव का यह अद्भुत उदाहरण रहा।
राष्ट्रहित, समाजहित और संगठन सर्वोपरि के संकल्प के साथ उपस्थित प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता ने यह सिद्ध किया कि जब उद्देश्य पवित्र हो और भावना सेवा की हो, तो जनसमर्थन स्वयं शक्ति बनकर साथ खड़ा होता है।
सतनाम, सद्भाव और समानता का यह संदेश आज नए भारत की आत्मा को प्रतिबिंबित कर रहा है। “बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे–मनखे एक समान” का संकल्प सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का दृढ़ प्रण है।
आइए, सेवा, समर्पण और संगठन की शक्ति से एक सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु निरंतर आगे बढ़ें।



